शनिवार, 3 मार्च 2012

स्कूटरिस्ट से बाइकर (published in SUNDAY NAI DUNIA (4-10 March 2012)


’फ़ाइट-ए-ट्रैफ़िक’ के हम परफ़ैक्ट फ़ाइटर हो गए 
पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए 


दस बरस तक हमने ’इस्कूटर’ पे जम के सैर की
 इक दफ़ा टक्कर भी खाई, रब ने लेकिन ख़ैर की 
गिर रहे थे जब, लगा यूं ’हम तो ग्लाइडर हो गए’ 
पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए 


"है छिछोरों का ये वाहन" कहते हम बाइक को थे
 "हम-से सज्जन तो ’सकूटर’ पे ही लगते हैं भले"
 किन्तु बदली सोच, पैशन-प्रो के रायडर हो गए 
पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए 


दोस्त कहते थे "मियां, तुम हो बड़े ही बैकवर्ड
 ले लो बाइक, छोड़ो ’इस्कूटर’, बनो कुछ फ़ॉरवर्ड"
 बात उनकी मान ली, ’वाइज़’ से ’वाइज़र’ हो गए 
पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए 


बनके भीगी बिल्ली पहले रोड पे चलते थे हम
 जब झुका कर मारते किक, तो बड़ी आती शरम
 शान से अब दनदनाते हैं कि टाइगर हो गए 
पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए 


है तुम्हारे पास ’इस्कूटर’ अभी तक, तो सुनो 
बेच दो, वो है खटारा,कोई भी बाइक चुनो
 ख़र्च कर लो नोट कुछ, क्यों इतने माइज़र हो गए
 पहले थे ’इस्कूटरिस्ट’, अब हम भी ’बाइकर’ हो गए
 ---मुईन शमसी