सोमवार, 8 अगस्त 2011

रमज़ां का महीना है (सर्वाधिकार सुरक्षित) RAMZAAn KA MAHEENA HAI ( All rights are reserved)

( यह "कलाम-ए-रमज़ान" इस लिंक पर सुना भी जा सकता है : http://www.box.net/shared/i9lgzodaylaa58ioqhqk )


रमज़ां का महीना है, शान इसकी निराली है
इस महीने में भर जाती, हर वो झोली, जो ख़ाली है
रमज़ां का महीना है.....

मस्जिद में सभी मोमिन, मशग़ूल-ए-इबादत हैं
कुछ सजदे में हैं, तो कुछ, कर रहे तिलावत हैं
दरबार-ए-इलाही में, हर बन्दा सवाली है
इस महीने में भर जाती, हर वो झोली, जो ख़ाली है
रमज़ां का महीना है.....

हर मोमिन के घर में, अल्लाह की रहमत है
हर शय में हुई अब तो, बरकत ही बरकत है
हर छोटे-बड़े ने लौ, अल्लाह से लगा ली है
इस महीने में भर जाती, हर वो झोली, जो ख़ाली है
रमज़ां का महीना है.....

बाज़ारों भी देखो, रौनक़ बड़ी छाई है
करने को ख़रीदारी, ख़लक़त चली आई है
ताजिरों ने भी अपनी, दूकान सजा ली है
इस महीने में भर जाती, हर वो झोली, जो ख़ाली है
रमज़ां का महीना है..... ।
(---मुईन शमसी)
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( The following 'KALAAM-E-RAMZAAN' is available in audio-form with music on this link:
http://www.box.net/shared/i9lgzodaylaa58ioqhqk )


RAMZAAn KA MAHEENA HAI, SHAAN ISKI NIRAALI HAI
IS MAHEENE ME BHAR JAATI, HAR WO JHOLI, JO KHAALI HAI
RAMZAAn KA MAHEENA HAI.....

MASJID ME SABHI MOMIN, MASHGHOOL-E-IBAADAT HAIN
KUCHH SAJDE ME HAIN, TO KUCHH, KAR RAHE TILAAWAT HAIN
DARBAAR-E-ILAAHI ME, HAR BANDAA SAWAALI HAI
IS MAHEENE ME BHAR JAATI, HAR WO JHOLI, JO KHAALI HAI
RAMZAAn KA MAHEENA HAI.....

HAR MOMIN KE GHAR ME, ALLAH KI REHMAT HAI
HAR SHAY ME HUI AB TO, BARKAT HI BARKAT HAI
HAR CHHOTE-BADEY NE LAU, ALLAAH SE LAGA LI HAI
IS MAHEENE ME BHAR JAATI, HAR WO JHOLI, JO KHAALI HAI
RAMZAAn KA MAHEENA HAI.....

BAAZAARO ME BHI DEKHO, RAUNAQ BADI CHHAAI HAI
KARNE KO KHARIDAARI, KHALQAT CHALI AAI HAI
TAAJIRO NE BHI APNI, DOOKAAN SAJA LI HAI
IS MAHEENE ME BHAR JAATI, HAR WO JHOLI, JO KHAALI HAI
RAMZAAn KA MAHEENA HAI.....
(---moin shamsi)

1 टिप्पणी:

  1. प्यारे भाई ! रमज़ान पर आपका यह ख़ूबसूरत कलाम हमने अपने ब्लॉग ‘मुशायरा‘ पर पेश किया है। इस कलाम के जुमला हुक़ूक महफ़ूज़ बताए गए हैं। इसलिए अगर आपको कोई ऐतराज़ हो तो आप इत्तिला दीजिएगा। हम इसे ब्लॉग से हटा देंगे।
    मुशायरा ब्लॉग पर आपका इस्तक़बाल है। अगर आप इसके सदस्य बनना चाहते हैं तो आप टिप्पणी के ज़रिये अपनी ख्वाहिश ज़ाहिर कर सकते हैं। यह ब्लॉग हिंदी ब्लॉग का अपनी तरह का अकेला ब्लॉग है।

    http://mushayera.blogspot.in/2012/07/ramzaan-ka-maheena-hai.html

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