मंगलवार, 30 अगस्त 2011

Eid aa gayi (All rights are reserved) ईद आ गई (सर्वाधिकार सुरक्षित)

ख़ुश आज हर बशर है, सुनो, ईद आ गई
महताब पर नज़र है, सुनो, ईद आ गई

हर फ़र्द, ख़्वाह मर्द हो, औरत हो, तिफ़्ल हो
मसरूफ़ किस क़दर है, सुनो, ईद आ गई

मस्जिद में, घर में, चौक में, बाज़ार-ओ-राह में
रौनक़ यह रात भर है, सुनो, ईद आ गई

जो माह-भर रहा है परहिज़गार-ओ-मुत्तक़ी
उसको बड़ा अजर है, सुनो, ईद आ गई

डरता ख़ुदा के ख़ौफ़ से, करता है नेकियां
’शमसी’ तो बे-ख़तर है, सुनो, ईद आ गई ।
---मुईन शमसी

( इस कलाम-ए-ईद को सुनने के लिये इस लिंक पर तशरीफ़ ले जाइये :
http://www.box.net/shared/0ulve77l26d6nknjcux8 )
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Khush aaj har bashar hai, suno, Eid aa gayi
mahtaab par nazar hai, suno, Eid aa gayi

har fard, khwaah mard ho, aurat ho, tifl ho
masroof kis qadar hai, suno, Eid aa gayi

masjid me, ghar me, chauk me, baazaar-o-raah me
raunaq ye raat bhar hai, suno, Eid aa gayi

jo maah-bhar rahaa hai parhizgaar-o-muttaqi
usko bada ajar hai, suno, Eid aa gayi

darta khuda ke khauf se, karta hai nekiyaan
'shamsi' to be-khatar hai, suno, Eid aa gayi.
---Moin Shamsi

( To hear this Kalaam-e-Eid, visit :
http://www.box.net/shared/0ulve77l26d6nknjcux8 )

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