मंगलवार, 9 अगस्त 2011

दुआ : ये जहां तू ने ( सर्वाधिकार सुरक्षित) Dua : YE JAHAAn TOO NE (all rights are reserved)

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ये जहां तू ने बनाया, ’कुन’ के इक फ़रमान से
ख़ुल्द को तू ने सजाया, हूर से, ग़िल्मान से

हो रज़ा जिनमें तेरी, हम काम वो हर दम करें
दूर ना हों हम, ख़ुदाया ! दीन से, क़ुरआन से

जब तलक दुनिया में हैं, हम नेकियां करते रहें
या ख़ुदा ! हम को बचा तू, पंजा-ए-शैतान से

सारी दुनिया में अमन हो, चैन हो, आराम हो
नफ़रतें, या रब ! मिटा दे, हर दिल-ए-इंसान से

हर गुनाह ’शमसी’ का, या रब ! माफ़ कर ! अहसान कर !
ग़लतियां होती ही हैं, हर बंदा-ए-नादान से ।
---मुईन शमसी
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YE JAHAAn TOO NE BANAAYA, 'KUN' KE IK FARMAAN SE
KHULD KO TOONE SAJAAYAA, HOOR SE, GHILMAAN SE
,

HO RAZAA JINME TERI, HAM KAAM WO HARDAM KAREN
DOOR NA HOn HAM, KHUDAYA ! DEEN SE, QUR'AAN SE


JAB TALAK DUNIYA ME HAIN, HAM NEKIYAAN KARTE RAHEN
YAA KHUDA ! HAMKO BACHA TU, PANJA-E-SHAITAAN SE


SAARI DUNIYA ME AMAN HO, CHAIN HO, AARAAM HO
NAFRATEN YAA RAB ! MITA DE, HAR DIL-E-INSAAN SE


HAR GUNAH 'SHAMSI' KA YA RAB ! MAAF KAR ! AHSAAN KAR !
GHALTIYAAN HOTI HI HAIN, HAR BANDA-E-NAADAAN SE.
---Moin Shamsi

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