गुरुवार, 11 अगस्त 2011

ऐ मोमिनो (सर्वाधिकार सुरक्षित) Aiy momino (all rights are reserved.)

Aiy momino dil me rakho chaahat rasool (SAWS) ki
jannat me le ke jayegi ulfat rasool (SAWS) ki

jeene ki naa ho fikr na marne ka khauf ho
mil jaye jab kisi ko inayat rasool (SAWS) ki

Allah aise logo ki qismat ka kya bayaaN
milti thi jinko roz hi qurbat rasool (SAWS) ki

aayen balaa se mushkilen, ho zindgi muhaal
karte rahenge ham to itaa'at rasool (SAWS) ki

hogi baroz-e-hashr yeh khwaahish 'Moin' ki
mil jaye mujh ko aaj zamaanat rasool (SAWS) ki.
---Moin Shamsi

( To hear this kalaam in my voice, copy-paste the following link:
http://www.box.net/shared/jd5uzmdx5ku4xr6vz9lp )

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ऐ मोमिनो दिल में रखो चाहत रसूल (स.) की
जन्नत में ले के जाएगी उल्फ़त रसूल (स.) की

जीने की ना हो फ़िक्र, ना मरने का ख़ौफ़ हो
मिल जाए जब किसी को इनायत रसूल (स.) की

अल्लाह ऐसे लोगों की क़िस्मत का क्या बयां
मिलती थी जिनको रोज़ ही क़ुर्बत रसूल (स.) की

आएं बला से मुश्किलें, हो ज़िन्दगी मुहाल
करते रहेंगे हम तो इताअत रसूल (स.) की

होगी बरोज़-ए-हश्र यह ख़्वाहिश ’मुईन’ की
मिल जए मुझको आज ज़मानत रसूल (स.) की ।
---मुईन शमसी

( मेरे इस कलाम को मेरी आवाज़ में सुनने के लिये इस लिंक को कॉपी-पेस्ट करें:
http://www.box.net/shared/jd5uzmdx5ku4xr6vz9lp )

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